हो ची मिन्ह स्मारक पहुंचे राजनाथ सिंह, ब्रह्मोस सहयोग पर नजर
हनोई / नई दिल्ली: भारत और वियतनाम के बीच गहरे होते रणनीतिक व सैन्य संबंधों को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों वियतनाम की आधिकारिक यात्रा पर हैं। अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान मंगलवार को रक्षा मंत्री ने हनोई स्थित ऐतिहासिक 'हो ची मिन्ह समाधि' का दौरा किया। वहां उन्होंने वियतनाम के राष्ट्रपिता और महान नेता हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस गरिमामयी समारोह के दौरान राजनाथ सिंह ने समाधि स्थल पर पुष्पचक्र चढ़ाकर नमन किया, जहां कार्यक्रम की शुरुआत से पहले 969वीं रेजिमेंट के कमांडर ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
सोशल मीडिया पर दिया गहरी दोस्ती का संदेश
इस ऐतिहासिक पल की यादों को साझा करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विशेष संदेश पोस्ट किया। उन्होंने अपने संदेश में वियतनाम के राष्ट्रपिता को याद करते हुए लिखा कि हो ची मिन्ह का दूरदर्शी दृष्टिकोण, उनका कुशल नेतृत्व और अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता के प्रति अटूट समर्पण आज भी दुनिया भर के लोगों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। रक्षा मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत और वियतनाम के बीच के ये दोस्ताना संबंध साझा सांस्कृतिक मूल्यों और गहरे आपसी सम्मान की मजबूत बुनियाद पर टिके हैं, जो वक्त की हर कसौटी पर खरे उतरते हुए लगातार और प्रगाढ़ होते जा रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय मुख्यालय में अहम मुलाक़ातें
अपनी आधिकारिक व्यस्तताओं के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वियतनाम के रक्षा मंत्रालय मुख्यालय भी पहुंचे। वहां उन्होंने मंत्रालय की आधिकारिक विजिटर बुक (आगंतुक पुस्तिका) में भारत-वियतनाम संबंधों की मजबूती की कामना करते हुए अपने विशेष विचार दर्ज किए। इसके बाद उन्होंने वहां के शीर्ष सैन्य व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाने के अहम मुद्दों पर चर्चा की।
रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की कवायद
उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्री सोमवार को वियतनाम की धरती पर पहुंचे थे, जो उनके दो देशों के इस बेहद महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे का पहला पड़ाव है। इस यात्रा का मुख्य एजेंडा भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग को और अधिक गतिशील व रणनीतिक रूप से मजबूत बनाना है। हनोई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आगमन के दौरान वियतनाम पीपुल्स आर्मी के डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, वहां तैनात भारतीय राजदूत और भारतीय दूतावास के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने पूरे प्रोटोकॉल के साथ भारत के रक्षा मंत्री का भव्य स्वागत किया था।

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