नीतीश कुमार की सरकार को ओवैसी का समर्थन, लेकिन सीमांचल के लिए रखी ये शर्त!
Asaduddin Owaisi: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी बिहार में नीतीश कुमार की सरकार को समर्थन देने पर विचार कर सकती है, लेकिन इसके लिए उन्होंने एक सख्त शर्त रखी है. ओवैसी ने कहा कि सीमांचल के विकास और अधिकारों की अनदेखी अब खत्म होनी चाहिए. अमौर में आयोजित सार्वजनिक सभा में ओवैसी ने कहा कि सीमांचल वर्षों से उपेक्षित रहा है और अब समय आ गया है कि इसे वह ध्यान और संसाधन दिए जाएं जिसका यह हकदार है.
सीमांचल को मिले उसका अधिकार
ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि विकास केवल पटना और राजगीर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, जबकि सीमांचल आज भी नदी कटाव, पलायन और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. सीमांचल को भी अब उसका अधिकार मिलना चाहिए. ओवैसी के अनुसार सरकार को इन मुद्दों के समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे, तभी समर्थन पर बात आगे बढ़ेगी.
ओवैसी ने नई रणनीति के किए खुलासे
इस बार ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए ओवैसी ने नई रणनीति का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि अब एआईएमआईएम विधायक जनता के प्रति जवाबदेह होंगे. सभी पांच विधायक हर हफ्ते दो दिन अपने क्षेत्रीय कार्यालय में बैठेंगे और अपनी लाइव लोकेशन के साथ फोटो उन्हें भेजेंगे, ताकि पता रहे कि वे वास्तव में जनता के बीच मौजूद हैं.
ओवैसी ने यह भी कहा कि वे हर छह महीने में सीमांचल का दौरा करेंगे और आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे. उन्होंने दावा किया कि पटना भी यह समझ चुका है कि सीमांचल की जनता एआईएमआईएम के साथ खड़ी है और आगे भी साथ रहेगी, और यह संदेश पटना तक सीमांचल की ओर से ही पहुंचेगा. बता दें कि बिहार चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को 5 सीटे मिली है.

राशिफल 24 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद
जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग को बढाएं-कृषि उत्पादन आयुक्त निगार
क्षीर धारा अभियान का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की आय में वृद्धि और गोवंश का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना है : मंत्री पटेल
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 4 लेन सीसी सड़क निर्माणकार्य का भूमि-पूजन
पुष्पा ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी