लखनऊ विकास प्राधिकरण में मोबाइल हैकिंग, IAS अधिकारियों से पैसों की मांग
रायपुर/यूपी। लखनऊ विकास प्राधिकरण मोबाइल हैकिंग का मामला बुधवार शाम सामने आया, जब प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का निजी मोबाइल नंबर हैक कर लिया गया। हैकर ने उनके नाम और पद का दुरुपयोग करते हुए कई आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को मैसेज और क्यूआर कोड भेजकर पैसों की मांग शुरू कर दी। किसी से 20 हजार, किसी से 40 हजार और यहां तक कि 48 हजार रुपये तक मांगे गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक दीपक सिंह से भी 40 हजार रुपये मांगे गए। मैसेज का लहजा ऐसा था, मानो खुद उपाध्यक्ष किसी जरूरी काम के लिए रकम मांग रहे हों। यहां तक कि दो दिन बाद पैसे लौटाने की बात भी लिखी गई थी।
हालांकि, जिन अधिकारियों को संदेश मिला, वे उपाध्यक्ष की कार्यशैली से परिचित थे। उन्हें तुरंत शक हुआ और किसी ने भी रकम ट्रांसफर नहीं की। सतर्कता दिखाते हुए मामले की सूचना तुरंत दी गई। इसके बाद उपाध्यक्ष ने संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार को जानकारी दी। पुलिस की साइबर टीम तुरंत लखनऊ विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंची और देर रात तक जांच चलती रही।
प्रारंभिक जांच में आरोपी की लोकेशन छत्तीसगढ़ के जमशेदपुर क्षेत्र में ट्रेस होने की बात सामने आई है। पुलिस कार्रवाई में जुटी है। फिलहाल, संबंधित नंबर से आए किसी भी कॉल या मैसेज का जवाब न देने की अपील की गई है।

राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति