माइक्रोसॉफ्ट ने पाकिस्तान से बंद किया अपना कामकाज
वाशिंगटन। टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 25 साल तक पाकिस्तान में काम करने के बाद वहां अपना ऑपरेशन बंद कर दिया है। कंपनी अब अपने ग्लोबल प्लान के तहत क्लाउड-बेस्ड और पार्टनरशिप वाले मॉडल पर फोकस कर रही है। 2000 में माइक्रोसॉफ्ट ने पाकिस्तान में अपना ऑफिस शुरू किया था, लेकिन अब वो वहां से सीधे काम नहीं करेगी। इसके बजाय, कंपनी अपने रीजनल ऑफिस और लोकल पार्टनर्स के जरिए कस्टमर्स को सर्विस देगी।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अरिफ अल्वी ने इस खबर को देश के लिए खराब संकेत बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ये कदम दिखाता है कि पाकिस्तान में अनिश्चितता बढ़ रही है, बेरोजगारी चरम पर है और टैलेंटेड लोग देश छोड़ रहे हैं। अल्वी ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट पहले पाकिस्तान में बड़ा ऑफिस खोलने की सोच रही थी, लेकिन वहां की अस्थिरता के चलते उसने वियतनाम को चुन लिया। पाकिस्तान के आईटी और टेलीकॉम मंत्रालय ने सफाई दी कि माइक्रोसॉफ्ट पूरी तरह से देश छोड़ नहीं रही। कंपनी अब अपने रीजनल ऑफिस और पार्टनर्स के जरिए काम करती रहेगी।

पीथमपुर में नाबालिग से दुष्कर्म, 45 वर्षीय आरोपी पर केस दर्ज
ग्वालियर–सागर समेत लाइसेंस अवधि खत्म होने से पहले बिक्री बढ़ाने की कवायद
एलएनसीटी युनिवर्सिटी में 'युवा संसद प्रतियोगिता' का आयोजन
लोक शिक्षण संचालनालय का नया आदेश, गेस्ट टीचर्स को मिली सुरक्षा
बैतूल के पूजा हॉस्पिटल में उपचार के बीच महिला ने तोड़ा दम, शव दूसरे अस्पताल भेजा गया
हवा में दौड़ती ट्रेन में दिखे CM योगी, हाई-स्पीड टेक्नोलॉजी ने खींचा ध्यान