दिल्ली के रोहिणी में बड़ा हादसा, नई बिल्डिंग गिरने से 4 लोगों की मौत
नई दिल्ली। रोहिणी सेक्टर-16 इलाके में बुधवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक पांच मंजिला नवनिर्मित इमारत अचानक भरभरा कर जमींदोज हो गई। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
रोहिणी में पांच मंजिला इमारत जमींदोज
बुधवार की शाम रोहिणी का एक रिहायशी इलाका उस समय दहल उठा जब एक ऊंची पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इमारत के गिरते ही चारों तरफ धूल का गुबार छा गया और चीख-पुकार मच गई। मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया, जिसमें अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन द्वारा मलबे को पूरी तरह से हटाने और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश के लिए क्रेन और आधुनिक उपकरणों की मदद से काम लगातार जारी है।
नवनिर्मित भवन के ढहने से खड़े हुए गंभीर सवाल
इस हादसे ने निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा और मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह इमारत हाल ही में बनकर तैयार हुई थी, जिसके ढहने के बाद इसके ढांचे की मजबूती और निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों में इस बात को लेकर गहरा आश्चर्य है कि बिना किसी भूकंप या बाहरी दबाव के इतनी बड़ी इमारत अचानक कैसे मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।
नगर निगम अधिकारियों ने जताया आश्चर्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, निर्माण कार्य पूरा होने के महज कुछ महीनों के भीतर ही किसी बहुमंजिला इमारत का इस तरह गिर जाना बेहद दुर्लभ और हैरान करने वाला मामला है। विशेष रूप से तब, जब भवन के भीतर कोई बड़ा तोड़फोड़ या भारी निर्माण कार्य भी नहीं चल रहा था। निगम अब इस पूरी योजना और उसके स्वीकृत नक्शों की जांच करने की तैयारी कर रहा है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर और जांच शुरू
इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। श्यामनगर और संबंधित थाना पुलिस ने लापरवाही के कारण हुई मौतों और असुरक्षित निर्माण को लेकर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इमारत के मालिक, ठेकेदार और निर्माण से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।

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