कॉपी चेकिंग के लिए CBSE ने घटाई फीस, बढ़े अंक तो पैसा भी वापस
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा के छात्रों को एक बड़ी सौगात दी है। बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे आने के बाद, छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी (इवैल्यूएशन कॉपी), अंकों के वेरिफिकेशन (अंक सत्यापन) और री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) की फीस में बड़ी कटौती करने का निर्णय लिया गया है।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पर विवाद के बाद लिया गया निर्णय
दरअसल, सीबीएसई ने इस साल मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज, सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए पहली बार 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम की शुरुआत की थी। हालांकि, रिजल्ट आने के बाद इस नई व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों की ओर से कई तरह की शिकायतें और आपत्तियां दर्ज कराई गईं। सोशल मीडिया पर भी इस सिस्टम को लेकर काफी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों का बोर्ड ने लिया संज्ञान
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध और छात्रों के सवालों को बोर्ड ने गंभीरता से लिया। सीबीएसई ने माना कि नई तकनीक के कारण छात्रों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इसी वजह से बोर्ड ने अपनी आधिकारिक अधिसूचना में साफ किया है कि छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए ही परिणाम के बाद की इस पूरी प्रक्रिया को बदला गया है।
अब आसान और किफायती होगी पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया
इस फीस कटौती का सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं हैं और अपनी कॉपियों की दोबारा जांच कराना चाहते हैं। बोर्ड ने इस पूरी प्रक्रिया को न सिर्फ आसान बनाया है, बल्कि बेहद किफायती (सस्ता) भी कर दिया है ताकि आर्थिक रूप से किसी भी छात्र पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

हॉलीवुड की उभरती स्टार केली हॉटल का सड़क हादसे में निधन, 18 साल की उम्र में टूटा सपना
शारदा उफान पर, लखीमपुर खीरी में बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें; कई गांव टापू में तब्दील
संसद परिसर से सदन तक घमासान, हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही रोकी गई
भारत-जिम्बाब्वे T20 से पहले जानें हरारे की पिच का हाल, टॉस जीतकर क्या होगा सही फैसला?
काले कपड़ों में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, संसद में सरकार को घेरा
सीएम थलपति का केंद्र पर निशाना, बोले- NEET परीक्षा खत्म करना ही समाधान