सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट, बैंकिंग सेक्टर की कमजोरी बनी सबसे बड़ी वजह
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी ने घरेलू शेयर बाजार की कमर तोड़कर रख दी है। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड के उछलकर प्रति बैरल $80 के पार जाने और $85 के करीब पहुंचने से पूरे एशियाई बाजारों में हड़कंप मच गया। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारतीय शेयर बाजार भी अछूता नहीं रहा और शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक फिसल गया, जबकि निफ्टी टूटकर 24,050 के स्तर पर आ गया। बाजार का दायरा भी बेहद कमजोर नजर आ रहा है, जिसके चलते मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की जा रही है।
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव बढ़ने और ईरान द्वारा तेल परिवहन के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' को बंद करने की चेतावनी ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है। इस तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2.1% उछलकर $79.79 प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जिससे आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा होने का संकट खड़ा हो गया है।
ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और इंडिया विक्स में आया उछाल
कच्चे तेल में आई इस तेजी ने दुनियाभर में महंगाई बढ़ने की आशंकाओं को एक बार फिर हवा दे दी है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल देखने को मिला है। बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट पर यील्ड बढ़कर 4.618% और 30-वर्षीय बॉन्ड पर यील्ड 5.104% पर पहुंच गई है। इसके साथ ही, भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और घबराहट को मापने वाला सूचकांक 'इंडिया विक्स' (India VIX) भी 3.52% उछलकर 13.75 के स्तर पर पहुंच गया है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बाजार में आने वाले दिनों में भारी वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।
बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में चौतरफा बिकवाली का दौर
आज के इस गिरावट वाले सत्र में सबसे ज्यादा मार बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर पड़ी है। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1% से अधिक की भारी गिरावट देखी जा रही है, जबकि रियल्टी इंडेक्स लगभग डेढ़ फीसदी की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है। वित्तीय और रियल्टी कंपनियों में बड़े पैमाने पर हो रही मुनाफावसूली ने सूचकांकों को नीचे धकेलने में मुख्य भूमिका निभाई है, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विपरीत परिस्थितियों के बीच आईटी और फार्मा सेक्टर में मामूली राहत
बाजार में चारों तरफ मचे इस हाहाकार के बीच कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी भी देखने को मिल रही है। मेटल और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आधे-आधे फीसदी से अधिक की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं। वहीं, आईटी सेक्टर के शेयरों में भी शुरुआती बिकवाली के दबाव के बावजूद हल्की खरीदारी देखी जा रही है, जिससे यह इंडेक्स हरे निशान में बना हुआ है और बाजार को बहुत बड़ी गिरावट की खाई में गिरने से रोकने का प्रयास कर रहा है।

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