जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय को सोमवार सुबह एक बार फिर बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक अमले और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। हाईकोर्ट प्रशासन को एक अज्ञात शरारती तत्व द्वारा धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था, जिसमें अदालत परिसर को दहलाने की खुली चुनौती दी गई थी। इस बेहद संवेदनशील इनपुट के प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) तुरंत हरकत में आया और पूरे परिसर को कड़े सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।

डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने डेढ़ घंटे तक चलाया सघन तलाशी अभियान

धमकी भरे ई-मेल की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए हाईकोर्ट परिसर में करीब डेढ़ घंटे तक सघन और व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान खोजी कुत्तों और आधुनिक खोजी उपकरणों की मदद से मुख्य कोर्ट भवन, वकीलों के चैंबर, पार्किंग क्षेत्र, मुख्य प्रवेश द्वार, गलियारों और अन्य सभी संवेदनशील कोनों की बेहद बारीकी से जांच की गई। सुरक्षा बल हर उस संदिग्ध स्थान तक पहुंचे जहां खतरा होने की थोड़ी भी आशंका थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते टाला जा सके।

गहन चेकिंग के बाद नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु, सुरक्षा व्यवस्था की गई और कड़ी

राहत की बात यह रही कि विस्तृत और व्यापक तलाशी अभियान पूरा होने के बाद परिसर के भीतर से कोई भी संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक सामग्री या आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। जांच प्रक्रिया पूरी होने और सब कुछ सुरक्षित पाए जाने के बाद सुरक्षा अधिकारियों और कोर्ट प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि खतरे की गंभीरता को देखते हुए एहतियात के तौर पर हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूत कर दिया गया है और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है।

ई-मेल का आईपी एड्रेस और तकनीकी विवरण खंगालने में जुटी पुलिस की साइबर सेल

इस कायराना हरकत को अंजाम देने वाले असली चेहरे तक पहुंचने के लिए स्थानीय पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। इस पूरे मामले में तकनीकी कड़ियों को जोड़ने और धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले शातिर आरोपी की पहचान करने के लिए पुलिस की साइबर सेल की विशेष मदद ली जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञ ई-मेल के इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस, उसके मूल स्रोत और अन्य तकनीकी विवरणों को गहराई से ट्रेस करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि आरोपी को जल्द से जल्द दबोचा जा सके।

इस साल फरवरी में भी मिल चुकी हैं धमकियां, सभी पहलुओं से जांच जारी

चिंता की बात यह है कि राजस्थान हाईकोर्ट को निशाना बनाने की यह कोई पहली कोशिश नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार ऐसे धमकी भरे ई-मेल मिल चुके हैं। इसी साल फरवरी के महीने में भी दो अलग-अलग मौकों पर अदालत को दहलाने की ऐसी ही धमकियां दी गई थीं, जिनमें जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध हाथ नहीं लगा था। पुलिस प्रशासन इस ताजा मामले को पुरानी घटनाओं से जोड़कर और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर बेहद गंभीरता से जांच को आगे बढ़ा रहा है।