लगातार भूकंप के झटकों पर महाराष्ट्र में सियासत, उद्धव गुट ने सरकार को घेरा
मुंबई। मराठवाड़ा क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार महसूस किए जा रहे भूकंप के झटकों के मद्देनजर शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार मुंबई में अपने प्रचार और जनसंपर्क अभियानों में पूरी तरह व्यस्त है, जबकि मराठवाड़ा के विभिन्न हिस्सों में मंडरा रहे भूकंप के खतरे को नजरअंदाज किया जा रहा है। विशेष रूप से हिंगोली, परभणी और नांदेड़ जिलों में बार-बार आ रहे इन झटकों के प्रति सरकारी उदासीनता पर पार्टी ने गहरा आक्रोश जताया है।
प्रशासनिक लापरवाही पर तीखा हमला
शिवसेना (यूबीटी) ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार ने संकट की इस घड़ी में अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लिया है। पार्टी का आरोप है कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आम लोगों के बीच बढ़ते डर और असुरक्षा की भावना के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने जोर दिया कि सरकार को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए और इन संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों की सुरक्षा के लिए ठोस सुरक्षात्मक योजनाएं तत्काल लागू करनी चाहिए।
भूकंपीय खतरे की अनदेखी का आरोप
पार्टी ने स्पष्ट किया कि लगातार आ रहे भूकंप के झटके आने वाले किसी बड़े प्राकृतिक संकट का संकेत हो सकते हैं, जिसे लेकर सरकार का सुस्त रवैया खतरनाक है। पार्टी ने मांग की है कि भू-वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम को इन जिलों में तैनात किया जाए ताकि भूकंप के कारणों का सटीक पता लगाकर सुरक्षा के उपाय किए जा सकें। सरकार की वर्तमान कार्यप्रणाली को 'अदूरदर्शी' बताते हुए पार्टी ने इसे मराठवाड़ा के निवासियों के प्रति गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था और जनता का असंतोष
मराठवाड़ा के निवासियों में बढ़ता असंतोष और दहशत इस बात का प्रमाण है कि सरकारी आश्वासन धरातल पर कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज नहीं की गईं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पार्टी ने सरकार से अपील की है कि वे राजनीतिक विज्ञापनों और प्रचार से परे हटकर राज्य के उन हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करें जो इस समय प्राकृतिक आपदा के सीधे प्रभाव में हैं।

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