सेवा-सेतु केंद्र से आसान हुई डिजिटल सेवाएं, एक ही केंद्र पर मिल रही त्वरित सुविधा
रायपुर : राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सेवा-सेतु केंद्र व्यवस्था आम नागरिकों के लिए डिजिटल सेवाओं का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। अब शासकीय सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। एक ही स्थान पर पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध होने से लोगों का समय और श्रम दोनों बच रहे हैं। इसी का सकारात्मक उदाहरण मुंगेली जिले की तेजश्वरी हैं, जिनका आधार कार्ड सेवा-सेतु केंद्र के माध्यम से सहज एवं त्वरित प्रक्रिया में बनाया गया।
आधार कार्ड प्राप्त होने पर उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पहले ऐसे कार्यों के लिए काफी समय लगता था, लेकिन अब सेवा-सेतु केंद्र के माध्यम से पूरी प्रक्रिया बेहद आसान और सुविधाजनक हो गई है। उन्होंने राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल व्यवस्था ने आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का कार्य और अधिक सरल बना दिया है। अब आवश्यक दस्तावेज समय पर मिलने से विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करना भी आसान हो गया है।
गौरतलब है कि राज्य शासन ने प्रदेश में संचालित लोक सेवा केंद्रों का उन्नयन कर उन्हें सेवा-सेतु केंद्र के रूप में विकसित किया है। पहले जहां इन केंद्रों के माध्यम से 73 शासकीय सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब 441 डिजिटल सेवाएं एक ही स्थान पर प्रदान की जा रही हैं। इनमें आधार संबंधी सेवाएं, विभिन्न प्रमाण पत्र, पंजीयन, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित अनेक नागरिक सेवाएं शामिल हैं। सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से शासन की सेवाएं गांव-गांव तक सरल, पारदर्शी और डिजिटल रूप से पहुंच रही हैं। यह पहल सुशासन को सशक्त बनाने के साथ-साथ नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की तारीख तय, 9 जून से इस ऐतिहासिक मैदान पर होगा मुकाबला
यूथ टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया का जलवा, श्रीलंका पर 211 रन की ऐतिहासिक जीत
CJP प्रोटेस्ट पर सियासत तेज, ओवैसी बोले- क्या प्रदर्शन करना अब खतरा माना जाएगा?
संवाद बनाम आंदोलन, CJP प्रदर्शन पर सरकार ने चार बार दिया बातचीत का प्रस्ताव
NEET मुद्दे पर कांग्रेस का बड़ा आरोप, केंद्र पर पारदर्शिता नहीं बरतने का दावा
दिल्ली के CP में शाम 6:30 बजे तक सब कुछ बंद, अचानक आदेश के पीछे क्या है वजह?