अंकित शर्मा मर्डर केस में फैसले की घड़ी करीब, ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों पर नजर
नई दिल्ली। वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के भीषण सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के युवा अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से की गई हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत का अंतिम फैसला अब अगले सप्ताह आएगा। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन सिंह ने इस संवेदनशील मुकदमे की सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुनाने के लिए आगामी 13 जुलाई की नई तारीख मुकर्रर की है। इस पूरे जघन्य हत्याकांड में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित कुल 11 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जिन पर लंबे समय से कानूनी शिकंजा कसा हुआ है।
हिंसा के दौरान हत्या कर नाले में फेंक दिया गया था शव
देश को झकझोर देने वाले इस मामले की पृष्ठभूमि 25 फरवरी 2020 की है, जब दंगों की आग में झुलस रहे चांदबाग इलाके से आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा अचानक लापता हो गए थे। इसके अगले दिन यानी 26 फरवरी को उनका क्षत-विक्षत शव पास के ही एक गहरे नाले से बरामद किया गया था। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने पुख्ता सबूत पेश करते हुए आरोप लगाया है कि उग्र दंगाइयों की भीड़ ने सोची-समझी साजिश के तहत अंकित शर्मा को अपना निशाना बनाया था और बेरहमी से मौत के घाट उतारने के बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से उनकी लाश को नाले में फेंक दिया था।
ताहिर हुसैन समेत सभी ग्यारह आरोपियों की कोर्ट में हुई पेशी
इस वीभत्स हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन और अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ हत्या, दंगा भड़काने, आपराधिक साजिश रचने और समाज में सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने जैसी भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत आरोप तय किए जा चुके हैं। मामले की अंतिम प्रक्रिया के तहत मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ताहिर हुसैन समेत सभी आरोपियों को कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में व्यक्तिगत रूप से पेश किया गया था, जहां दोनों पक्षों के वकीलों की मौजूदगी में अगली तारीख का एलान किया गया।
अदालत द्वारा अंतिम फैसले की तारीख आगे बढ़ाने से बढ़ा इंतजार
इससे पहले बीती 11 जून को अदालत ने मामले की दलीलों को पूरा करने के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया था और निर्णय सुनाने के लिए 7 जुलाई की तारीख तय की थी। इस वजह से पीड़ित परिवार और कानूनी जानकारों को पूरी उम्मीद थी कि मंगलवार को इस बहुप्रतीक्षित मामले में इंसाफ की घड़ी आ जाएगी और दोषियों की सजा मुकर्रर हो जाएगी, लेकिन न्यायिक और तकनीकी कारणों की समीक्षा के चलते अदालत ने अब इस बहुप्रतीक्षित फैसले की तारीख को बढ़ाकर 13 जुलाई करने का आदेश जारी किया है।
शहीद अधिकारी के पीड़ित परिवार ने की दोषियों को फांसी देने की मांग
दूसरी ओर, इस लंबे इंतजार और अदालती कार्यवाही के बीच अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा का दर्द और आक्रोश एक बार फिर छलक उठा। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए मीडिया से कहा कि उनका भाई पूरी निष्ठा के साथ देश की खुफिया एजेंसी में रहकर मातृभूमि की सेवा कर रहा था, लेकिन दंगाइयों ने ड्यूटी के दौरान उनके साथ अमानवीय क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। अंकुर ने देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा जताते हुए कोर्ट से पुरजोर मांग की है कि उनके भाई की निर्मम हत्या करने वाले ताहिर हुसैन और उसके तमाम साथियों को कानूनन केवल और केवल फांसी की सजा दी जानी चाहिए।

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