बुजुर्ग निकला गांजे का बड़ा तस्कर: डूंगरपुर में 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' ने ध्वस्त किया अवैध नशीली खेती का नेटवर्क
डूंगरपुर | राजस्थान के डूंगरपुर जिले में नशीले पदार्थों के सौदागरों के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत वरदा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक खेत में गैर-कानूनी तरीके से की जा रही गांजे की खेती का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में माल बरामद किया है और इस मामले में एक बुजुर्ग को दबोचा है।
खेत की घेराबंदी कर पकड़ी गांजे की खेती
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी (सागवाड़ा) रूपसिंह के नेतृत्व में पुलिस को हिराता फला कोठारीया गांव में अवैध खेती होने की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर वरदा थानाधिकारी रिजवान खान और डीएसटी की संयुक्त टीम ने तुरंत गांव में दबिश देकर संदिग्ध खेत को चारों तरफ से घेर लिया। जब पुलिस बल ने अंदर जाकर तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में गांजे की लहलहाती हुई फसल देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
हजारों की कीमत का नशीला पदार्थ जब्त
पुलिस टीम ने मौके की तलाशी के दौरान वहां सुखाने के लिए रखा हुआ 558 ग्राम सूखा गांजा और खेत में उगाए गए गांजे के 50 छोटे-बड़े हरे पौधे बरामद किए। जब इलेक्ट्रॉनिक कांटे से इन सभी पौधों और सूखे गांजे का कुल वजन कराया गया, तो वह 4 किलो 210 ग्राम निकला। अंतरराष्ट्रीय बाजार और स्थानीय स्तर पर जब्त किए गए इस अवैध गांजे की अनुमानित कीमत करीब 75 हजार रुपये आंकी गई है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
बुजुर्ग गिरफ्तार और बड़ी कड़ियों की तलाश
इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने खेत के मालिक और मुख्य आरोपी बुजुर्ग थावरचन्द को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अवैध रूप से नशीली फसल उगाने की बात कबूल कर ली है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर कड़ाई से यह पता लगाने में जुटी है कि वह इस माल को कहां-कहां बेचता था और इस अवैध नेटवर्क के पीछे कौन से बड़े तस्कर शामिल हैं, ताकि इलाके से नशे के इस कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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