डीके शिवकुमार के CM बनने से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, सिद्धारमैया को राष्ट्रीय भूमिका
बेंगलुरु: कर्नाटक में नई सरकार के शपथ ग्रहण से ठीक पहले कांग्रेस आलाकमान ने एक बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था 'कांग्रेस कार्यसमिति' (CWC) का सदस्य नियुक्त किया है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा संयुक्त रूप से लिए गए इस फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिसे राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण माना जा रहा है।
डीके शिवकुमार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
आज बुधवार शाम करीब चार बजे डीके शिवकुमार कर्नाटक के 34वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। बेंगलुरु में होने वाले इस भव्य समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के साथ लगभग 10 विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इन संभावित मंत्रियों में सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया का नाम भी शामिल है।
जातीय समीकरणों को साधने पर जोर
पार्टी ने पहले दौर के मंत्रिमंडल गठन में कर्नाटक के सभी जातीय और सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने की रणनीति बनाई है। संभावित मंत्रियों की सूची में लिंगायत समुदाय से एमबी पाटिल और ईश्वर खंड्रे, दलित समुदाय से जी परमेश्वर, वोक्कालिगा समुदाय से रामलिंगा रेड्डी और अनुसूचित जनजाति (एसटी) से सतीश जरकीहोली के नाम प्रमुख हैं। वहीं, ईसाई समुदाय के प्रतिनिधित्व के तौर पर केजे जॉर्ज आज शपथ ले सकते हैं।
इन नए और पुराने चेहरों को मिल सकता है मौका
मंत्रिमंडल में मुस्लिम चेहरे के रूप में मौजूदा स्पीकर यूटी खादर के नाम पर चर्चा चल रही है। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे (दलित समुदाय) और कृष्णा बायरेगौड़ा जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी पहली सूची में जगह मिल सकती है। दूसरी तरफ, शिवराज तंगदागी, मंकल वैद्य, बिरथी सुरेश और ज़मीर अहमद खान जैसे कुछ मौजूदा मंत्रियों को इस बार कैबिनेट से बाहर होना पड़ सकता है। डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद आने वाले समय में नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी विचार किया जाएगा।

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