गैस संकट के बीच नया फर्जीवाड़ा, सिलेंडर में पानी मिलने से मचा हड़कंप
जयपुर: राजस्थान में चल रही एलपीजी की किल्लत के बीच अब उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। अब तक गैस डिलीवरी के दौरान कुछ किलो गैस चोरी होने की शिकायतें आम थीं, लेकिन अब पूरा सिलेंडर खाली कर उसमें पानी भरकर सप्लाई करने का चौंकाने वाला खेल शुरू हो गया है। ऐसा ही एक मामला राजधानी जयपुर में सामने आया, जिसने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
जयपुर के मानसरोवर में खुला खेल, वजन देखकर उड़े होश
जयपुर के मानसरोवर (कावेरी पथ) के रहने वाले विष्णु गुप्ता ने इंडेन की सुषमा गैस एजेंसी से घरेलू सिलेंडर मंगवाया था। डिलीवरी मिलने पर जब उन्होंने सिलेंडर उठाया, तो उसका वजन सामान्य से काफी ज्यादा लगा। शक होने पर उन्होंने तुरंत गैस एजेंसी को इसकी शिकायत दी। मौके पर पहुँचे एजेंसी के कर्मचारी ने जब जांच की, तो वह भी हैरान रह गया—सिलेंडर में गैस की जगह पानी भरा हुआ था। हालांकि, इस पूरे मामले पर जब एजेंसी संचालक अशोक फौजदार से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
उदयपुर में भी मिला था 7 किलो पानी, ग्रामीणों ने किया था हंगामा
गैस सिलेंडरों में पानी भरने का यह कोई अकेला मामला नहीं है। दो दिन पहले उदयपुर के पड़ावली कला में भी ऐसा ही वाकया सामने आया था। वहाँ एक उपभोक्ता के खाली सिलेंडर का वजन नियमानुसार 15-16 किलो के बजाय 22 किलो निकला। जांच में पता चला कि उसमें 7 किलो पानी भरा हुआ था, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने गोगुंदा कस्बे की भारत गैस एजेंसी पर जमकर हंगामा किया। बाद में रसद विभाग के अधिकारी ने मौके पर पहुँचकर उस सिलेंडर को जब्त किया। एजेंसी संचालकों का मानना है कि इतनी बड़ी हेराफेरी या तो बॉटलिंग प्लांट पर हो रही है या फिर रास्ते में ट्रांसपोर्टेशन के दौरान।
कंपनियों की तानाशाही: वितरकों पर जबरन थोपा जा रहा महंगा सामान
एक तरफ जहाँ जनता गैस किल्लत और इस धोखाधड़ी से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ 'एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ऑफ राजस्थान' ने गैस कंपनियों पर तानाशाही का आरोप लगाया है। फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक सिंह गहलोत ने राज्य स्तरीय समन्वयक को ज्ञापन सौंपकर बताया कि कंपनियां वितरकों को जबरन 190 रुपये कीमत वाला होज पाइप (गैस पाइप) बेच रही हैं, जबकि खुले बाजार में इसकी कीमत मात्र 85 रुपये है।
घरेलू सिलेंडरों की किल्लत, कमर्शियल का जबरन भेजा जा रहा स्टॉक
वितरकों का आरोप है कि बाजार में इस समय घरेलू गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत बनी हुई है, लेकिन बॉटलिंग प्लांट से जानबूझकर 5 और 19 किलो वाले कमर्शियल (व्यावसायिक) सिलेंडरों की गाड़ियां भेजी जा रही हैं और उनकी जबरन बिलिंग की जा रही है। फेडरेशन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कंपनियों ने वितरकों को आर्थिक संकट में धकेलने वाली इन हरकतों और सप्लाई की इस अव्यवस्था को जल्द ठीक नहीं किया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होंगे।

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