सपा और कांग्रेस पर मायावती का तीखा प्रहार, महिला आरक्षण बना मुद्दा
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा)की प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा)को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोनों दलों पर आरोप लगाया कि ये समय-समय पर एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों को लेकर अपना रुख बदलते रहे हैं और अब महिला आरक्षण जैसे मुद्दों को भी राजनीतिक फायदा लेने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।मायावती ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कभी भी इन वर्गों के आरक्षण को पूरी तरह और गंभीरता से लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों का जिक्र करते हुए दावा किया कि ओबीसी आरक्षण को लागू कराने में तत्कालीन प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह की सरकार और बसपा के प्रयास अहम रहे हैं।
सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े मुस्लिमों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने संबंधी आयोग की रिपोर्ट को सपा सरकार ने लंबे समय तक लागू नहीं किया, जबकि बसपा सरकार ने 1995 में इसे लागू कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अब वही सपा महिला आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश कर रही है।
महिला आरक्षण को लेकर मायावती ने यह भी कहा कि इसका आधार 2011 की जनगणना के अनुसार परिसीमन होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वह सत्ता में होती तो उसके फैसले भी भाजपा जैसे ही होते।अपने बयान के अंत में मायावती ने कहा कि देश में एससी, एसटी, ओबीसी और मुस्लिम समुदाय के वास्तविक हितों को लेकर कोई भी पार्टी पूरी तरह गंभीर नहीं रही है। उन्होंने इन वर्गों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने हितों को समझते हुए आत्मनिर्भर बनने पर ध्यान दें।

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