डंपिंग यार्ड में आग का तांडव, दो कम्पोस्टिंग मशीनें जलकर खाक
सीकर। जिले के नीमकाथाना शहर में बुधवार को मंढोली नाले के पास स्थित कचरा डंपिंग यार्ड में अचानक भीषण लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें 30 फीट से भी अधिक ऊंचाई तक उठने लगीं और आसमान में काले धुएं का घना गुबार छा गया। दूर-दूर तक दिखाई देती इन लपटों ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया और लोग घरों से बाहर निकल आए। तेज हवाओं ने आग को और हवा दी जिससे स्थिति तेज़ी से बिगड़ने लगी। यार्ड में रखी कचरे से खाद बनाने वाली कम्पोस्टिंग मशीनें भी आग की चपेट में आ गईं और इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने फौरन फायर ब्रिगेड को सूचित किया। दमकल विभाग की कई गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू हुआ। लेकिन तेज़ हवाओं के कारण आग को काबू में करना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था। लपटें इतनी विकराल थीं कि यार्ड में खड़ी मशीनें एक-एक कर आग की भेंट चढ़ने लगीं। इस हादसे में कुल तीन कम्पोस्टिंग मशीनें प्रभावित हुईं। इनमें से दो मशीनें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं जबकि एक को आंशिक नुकसान पहुंचा। इन मशीनों की कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है जिससे नगर परिषद को भारी आर्थिक चोट लगी है।
दमकल कर्मियों से तत्परता से बुझाई गई आग
दमकल चालक सुमेर सिंह ने बताया कि टीम ने कड़ी मेहनत और सूझबूझ के साथ समय रहते आग पर काबू पा लिया। उन्होंने कहा कि अगर थोड़ी और देर हो जाती तो यह हादसा कहीं बड़ा रूप ले सकता था। दमकल कर्मियों की तत्परता से आसपास के रिहायशी इलाके को सुरक्षित बचा लिया गया। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है लेकिन आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

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