मेहनत की मिसाल: छोटे गांव के निश्चल जैन ने UPSC में पाई 119वीं रैंक
बांसवाड़ा। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से शुक्रवार को घोषित सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम बांसवाड़ा जिले के लिए गौरव का क्षण लेकर आए हैं। जिले के आंजना गांव के रहने वाले निश्चल जैन ने ऑल इंडिया 119वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष बांसवाड़ा की टीना कल्याण ने 324वीं रैंक प्राप्त की थी। यह पहला अवसर है जब बांसवाड़ा जिले से लगातार दूसरे वर्ष मेधावी प्रतिभा का यूपीएससी परीक्षा में चयन हुआ है।
पांचवें प्रयास में मिली सफलता
जिले के गढ़ी उपखंड के आंजना निवासी निश्चल जैन को यह सफलता पांचवें प्रयास में मिली है। इससे पहले निश्चल ने यूपीएससी 2023 की परीक्षा में 460वीं रैंक प्राप्त की थी, जिसके बाद उन्हें भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) विभाग आवंटित हुआ था। विभाग में ज्वाइन करने के बाद उन्होंने एक वर्ष की छुट्टी लेकर फिर से तैयारी शुरू कर दी। फिलहाल वह 2023 में चयन के बाद शेष रही ट्रेनिंग कर रहे हैं। वर्ष 2024 में वह इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन से चूक गए थे। इस बार बेहतर रैंक आने के साथ ही उनका आईएएस बनने का सपना साकार हो गया है।
बिना कोचिंग के हासिल की सफलता
निश्चल जैन ने बिना किसी कोचिंग की सहायता के अपनी मेहनत और आत्म-अनुशासन के बल पर यह सफलता हासिल की है। उन्होंने बड़े लक्ष्यों के बजाय छोटे-छोटे लक्ष्य तय कर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। वह रोज सुबह जल्दी उठकर नियमित और अनुशासित तरीके से पढ़ाई करते थे। तनाव को दूर रखने के लिए पॉडकास्ट सुनना, क्रिकेट मैच देखना और नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
निश्चल के पिता विनोद जैन गढ़ी क्षेत्र के सेमलिया स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां लता जैन गृहिणी हैं। परिवार के सहयोग और प्रेरणा ने उनकी तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कई सरकारी नौकरियों को ठुकराया
जुलाई 2000 में जन्मे निश्चल जैन का यूपीएससी से पहले भी कई सरकारी नौकरियों में चयन हो चुका था। उनका चयन मुंबई कस्टम विभाग, एग्रीकल्चर ऑफिसर और बैंक अधिकारी के पदों पर हुआ था, लेकिन प्रशासनिक सेवा में जाने के लक्ष्य के कारण उन्होंने इन पदों पर ज्वाइन नहीं किया।
शिक्षा और तैयारी का सफर
निश्चल ने कक्षा 1 से 10वीं तक की पढ़ाई परतापुर से की। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई उदयपुर से पूरी की। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से गणित विषय में बीएससी ऑनर्स किया है। कोविड काल के दौरान उन्होंने एक साल घर पर रहकर अपनी पढ़ाई की मजबूत नींव तैयार की, जिसका परिणाम आज उनकी सफलता के रूप में सामने आया है।

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