बुरहानपुर में अंधे कत्ल का खुलासा, आर्मी के पूर्व ट्रेंड पैरा कमांडो ने रची थी खुद की हत्या की साजिश
बुरहानपुर: लालबाग थाना पुलिस को डेढ़ साल पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में बड़ी सफलता मिली है. एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार ने हत्याकांड का पर्दाफाश किया. पुलिस ने यूपी के आगरा से मुख्य आरोपी हुसन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. 25 मई 2024 को विश्व प्रसिद्ध धरोहर कुंडी भंडारा के पास एक अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव मिला था, पुलिस को शव की पैंट की जेब से हुसन सिंह का आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज पाए गए थे.
लालबाग पुलिस ने हुसन सिंह के परिजन को सूचित किया था, इसके बाद हुसन के परिजन ने शव की पहचान से हुसन के रूप में करने स्व इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा हुसन लंबी कद काठी का है, उसके शरीर पर टैटू बना है, जांच में ऐसे तथ्य सामने जिसने पुलिस को चौका दिया. जानकारी के मुताबिक हुसन और उसका साथी गणेश शर्मा पनवेल में साथ में होटल चलाते थे, पुलिस ने साथी गणेश को पूछताछ के लिए बुलाया. पूछताछ में गणेश ने चौंकाने वाला खुलासा किया, गणेश ने पुलिस को बताया, उसने और हुसन ने एक अज्ञात मजदूर को महाराष्ट्र के मनमाड से बहला-फुसलाकर बुरहानपुर लेकर आए थे.
उसे पहले जमकर शराब पिलाई, फिर गला घोंटकर हत्या की, शव की पहचान छिपाने के लिए पेट्रोल डालकर जला दिया, बाद में हुसन ने अपने ही दस्तावेज मृतक की जेब में रख दिए ताकि पुलिस हत्या को हुसन की प्रतीत हो सके, लेकिन पुलिस जांच में पहले गणेश को पुलिस ने पकड़ लिया, अब डेढ़ साल बाद मुख्य आरोपी हुसन सिंह को आगरा से गिरफ्तार किया गया है.
लालबाग थाना पुलिस ने अधजले शव की पहचान कैलाश पिता देवलाल सावले निवासी मुकुंदवाडी, संभाजीनगर के रूप में की है. लालबाग पुलिस मृतक के गांव पहुंची, यहां से मृतक के मां और भाई के ब्लड सैम्पल लिए, फोरेंसिक जांच में मृतक का डीएनए उसकी माँ और भाई से मैच हो गया.
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार पाटीदार ने बताया कि, ''मुख्य आरोपी हुसन सिंह की तलाश में पुलिस डेढ़ साल से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में पहुंचाई, यहां कई बार दबिश दी गई, लंबे अंतराल के बाद पुलिस को मोबाइल नंबर, आईएमईआई, सोशल मीडिया सहित हाईटेक तकनीक के आधार पर उसकी लोकेशन आगरा में पाई गई. इसके बाद लालबाग पुलिस टीम ने एटीएस आगरा की मदद से रायमा मंदिर के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया.''
आरोपी हुसन सिंह ने पूछताछ में जुर्म कबूल किया है, उसने पुलिस को बता या कि बिजनेसमैन प्रितेश गुप्ता से दुश्मनी के चलते उसे फंसाने की नीयत से यह हत्या की गई थी. वह प्रितेश को झूठे केस में फंसाना चाहता था. हुसन सिंह पूर्व में स्पेशल फोर्स की 10 पैरा यूनिट में कार्यरत रहा है, पुलिस के मुताबिक उसके विरुद्ध कई मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश में लूट, हत्या, डकैती और गैंगस्टर एक्ट के गंभीर मामले दर्ज हैं.

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