इमरान ने बहन से हुई मुलाकात में कहा- मुनीर मानसिक बीमार है और जान भी ले सकता है
इस्लामाबाद। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान ने मंगलवार को अपनी जान को गंभीर खतरा बताया। उनकी बहन डॉ. उज्मा खान से अदियाला जेल में 20 मिनट की मुलाकात के बाद जारी पार्टी के आधिकारिक बयान में इमरान ने दावा किया कि सैन्य प्रतिष्ठान अब उनकी हत्या करवाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा देख रहा है। उन्होंने साफ कहा, अगर मेरे साथ कुछ हुआ तो इसके लिए आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर और डीजी आईएसआई पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
पीटीआई ने आरोप लगाया कि इमरान खान को पूरी तरह एकांत कारावास (सॉलिटरी कन्फाइनमेंट) में रखा गया है, जहाँ बिजली, धूप, साफ पानी, अच्छा खाना और चिकित्सा सुविधाओं तक से वंचित किया जा रहा है। बयान में कहा गया है कि उन्हें मौत की सजा पाए कैदियों से भी बदतर हालात में रखा जा रहा है। इमरान ने बताया कि पाँच दिन तक उनके सेल की बिजली बंद रही और दस दिन तक उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया। उन्होंने अपने साथ हो रहे सलूक को जानवरों से भी बदतर और पिंजरे में बंद करना बताया। पूर्व प्रधानमंत्री ने जनरल आसिम मुनीर पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, ये पाकिस्तान के इतिहास के सबसे जालिम और मानसिक रूप से अस्थिर तानाशाह हैं। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह अलोकतांत्रिक करार दिया और कहा कि उनपर लगातार मानसिक यातना दी जा रही है।
हालांकि डॉ. उज्मा खान ने मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि उनका भाई शारीरिक रूप से तंदुरुस्त और मानसिक रूप से बेहद मजबूत है। उन्होंने बताया कि इमरान जेल प्रशासन के कुछ व्यवहार से नाराज जरूर थे, लेकिन उनका हौसला बुलंद है और वे पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए संदेश भेजते रहे। उज्मा ने यह भी कहा कि इमरान उत्साहित नजर आ रहे थे। गौरतलब है कि लंबे समय से इमरान खान को परिवार व वकीलों से मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। पिछले हफ्ते पीटीआई के देशव्यापी प्रदर्शनों और दबाव के बाद पहली बार उनकी बहन से मुलाकात की अनुमति मिली। पार्टी इसे अपनी बड़ी जीत मान रही है, वहीं इमरान के ताजा बयान ने पाकिस्तान की सियासत में नया तूफान खड़ा कर दिया है।

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