कड़ाके की ठंड लौटेगी! राजस्थान में तापमान गिरा, शेखावाटी में जारी शीतलहर चेतावनी
जयपुर | हिमालय पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता नजर आ रहा है। इसके प्रभाव से 5 दिसंबर के बाद से मौसम में तेज बदलाव की संभावना है। उत्तर से चलने वाली ठंडी हवालों के असर से राजस्थान में भी पारे में जबरदस्त गिरावट आने का अनुमान है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार राजस्थान में इस बार दिसंबर से फरवरी तक कड़ाके की सर्दी पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार इस सीजन में शीतलहर के दिन सामान्य से अधिक रहेंगे और न्यूनतम तापमान भी औसत से नीचे रहने की संभावना है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली मावठ इस बार थोड़ी कम रह सकती है, जिससे दिन का तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा।
पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में सर्दी का असर ज्यादा रहेगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान में ठंड सामान्य रहने की संभावना है। 3 से 5 दिसंबर तक चूरू, झुंझुनूं और सीकर में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जयपुर, अलवर, नागौर, दौसा सहित अन्य जिलों में भी हल्की शीतलहर की स्थिति बन सकती है।उत्तरी भारत में भारी बर्फबारी और वहां से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान में इस बार कोल्ड-वेव का प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है।
पिछले 24 घंटों में पिलानी, अलवर, उदयपुर, जोधपुर, चूरू और सिरोही सहित कई शहरों में तापमान 1–2 डिग्री गिरा है। सबसे कम न्यूनतम तापमान लूणकरणसर में 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। फतेहपुर में न्यूनतम पारा 6.5, चूरू में 7.4, गंगानगर में 7.8, पिलानी 7.2 और अलवर में 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकांश शहरों में अच्छी धूप खिली रही, जिससे ठंड से राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान बाड़मेर में 30.1 डिग्री, जालोर में 29.7 और नागौर में 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति