आंवला-हल्दी जूस: सर्दियों में इम्युनिटी बढ़ाने का सबसे असरदार उपाय
मौसम में बदलाव के साथ ही हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है। ठंड का मौसम मन को सुकून देता है, वहीं इस दौरान इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-खांसी, बुखार, स्किन इन्फेक्शन और डाइजेशन रिलेटेड प्रॉब्लम्स होने लगती हैं।
ऐसे में अगर आप कुछ नेचुरल और पोषक तत्वों से भरपूर पीना चाहते हैं, तो आंवला और हल्दी का जूस आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है। आयुर्वेद में सदियों से आंवला और हल्दी को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। इससे शरीर को अंदर से मजबूती मिलती है और कई तरह की मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। आइए जानें इसके फायदे और इसे बनाने की आसान रेसिपी के बारे में-
इम्युनिटी बढ़ाता है
आंवला विटामिन सी का प्रचुर स्रोत है, जो व्हाइट ब्लड सेल्स का काउंट बढ़ाकर इम्युनिटी को मजबूत बनाता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद करता है।
डाइजेशन को सुधारता है
यह जूस पाचन क्रिया को सुधारता है। आंवला एसिडिटी और गैस की समस्या को कम करता है, जबकि हल्दी आंतों को सूजन से राहत देती है।
लिवर डिटॉक्स करता है
यह जूस लिवर को साफ करता है और उसकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है। यह शरीर में जमा टॉक्सिन को बाहर निकालता है।
डायबिटीज में फायदेमंद
आंवला ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक होता है और हल्दी भी इंसुलिन की सेंसटिविटी को बढ़ाती है।
बालों के लिए लाभकारी
आंवला बालों की जड़ों को पोषण देता है और झड़ने से रोकता है, जबकि हल्दी स्कैल्प को हेल्दी रखती है।
बनाने का तरीका
सबसे पहले एक आंवला के बीज निकालें और फिर उसे टुकड़ों में काटें।
अब इसमें आधा चम्मच हल्दी पाउडर या एक इंच कच्ची हल्दी और एक चौथाई कप पानी डालकर मिक्सी में पीसें।
जूस को छानकर उसमें एक चुटकी काली मिर्च पाउडर डालें और स्वाद अनुसार नींबू रस और शहद मिलाएं।
इसे सुबह खाली पेट पिएं। इस जूस को हफ्ते में 3-4 बार लेने से आप पूरे सीजन में हेल्दी, एनर्जेटिक और बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।

भोपाल-इटारसी-जबलपुर समेत कई शहरों को तोहफा, पीएम मोदी देंगे 2 अमृत भारत ट्रेन
तपती गर्मी से राहत: स्कूलों में पहले ही कर दी गई समर वेकेशन की घोषणा
दमदम में पीएम मोदी का वार—“तृणमूल राज में बंगाल की पहचान खतरे में”
गहलोत का बड़ा बयान: ‘राजस्थान में उल्टी गंगा बह रही है’
पोषण पखवाड़ा के तहत रेल मंडल में चला जनजागरूकता अभियान