निगमकर्मियों की हड़ताल से मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा
नई दिल्ली । एमसीडी के एमटीएस कर्मियों की हड़ताल से राजधानी में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। घरों व अन्य परिसरों में मच्छरों के लार्वा की जांच नहीं हो पा रही है। वहीं, लोगों को जागरूक करने का कार्य भी ठप हो गया है। एमटीएस कर्मचारी 29 सितंबर से हड़ताल पर जाने के साथ-साथ एमसीडी मुख्यालय सिविक सेंटर के समक्ष धरना दे रहे हैं। एमटीएस की हड़ताल शुरू होने से पहले 27 सितंबर तक मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रति सप्ताह लगभग 9.5 लाख घरों का निरीक्षण चल रहा था। इस दौरान करीब 11 हजार परिसरों में मच्छर का लार्वा मिला था। जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों को घरों और आसपास की साफ-सफाई पर ध्यान देने के लिए निर्देशित किया जा रहा था। लेकिन एमटीएस की हड़ताल से 11 अक्तूबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह करीब 75 हजार घरों की ही जांच हो सकी। इनमें केवल 1,100 परिसरों में लार्वा मिला। वहीं 18 अक्तूबर को जारी रिपोर्ट में देखा गया कि 12 से 18 अक्टूबर के बीच सिर्फ 73 हजार परिसरों की जांच हो पाई, जिसमें लगभग 1,000 परिसरों में ही लार्वा पाया गया। अब मच्छरजनित बीमारियों के मामलों में भी इजाफा दर्ज किया गया। एमसीडी की रिपोर्ट के अनुसार, 27 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के 121 मामले सामने आए थे। 18 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह में इन मामलों की संख्या बढ़कर 149 हो गई।

राशिफल 25 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
तेंदूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की ओर छत्तीसगढ़
सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधानः सौर सुजला योजना का सोलर पंप चालू होने से लौटी किसान के खेतों की रौनक
तकनीक, समन्वय और प्रशिक्षित पुलिस बल के दम पर होगा सुरक्षित एवं व्यवस्थित सिंहस्थ-2028 - डीजीपी कैलाश मकवाणा
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से होमेश्वर प्रसाद जायसवाल को मिली राहत, शून्य हुआ बिजली बिल
बिलासपुर संभागायुक्त ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण