कर्ज लेना हुआ आसान, त्योहारी सीजन में ब्याज दरों में छूट
व्यापार: इस साल फरवरी से जून तक आरबीआई ने रेपो दर में एक फीसदी की कटौती की। इससे सभी तरह के कर्ज सस्ते हो गए। हालांकि, त्योहार में लोग जमकर खरीदी करते हैं। इस महीने में पांच बैंकों की घटी दर से अच्छा खासा फायदा हो सकता है। अगर खरीदी की योजना बना रहे हैं तो यह सही समय है। आप चाहें तो दिसंबर तक खरीदी कर सकते हैं क्योंकि बैंकों की ब्याज दरें वर्तमान दरों के ही आसपास होंगी। हालांकि, त्योहारी सीजन में प्रोसेसिंग फीस माफ होने का भी कहीं-कहीं फायदा मिल सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 12 सितंबर से एमसीएलआर 0.10 फीसदी घटाकर 7.95 फीसदी से 7.85 फीसदी किया है। तीन महीने का एमसीएलआर 0.15 फीसदी घटाकर 8.20 फीसदी पर ला दिया है। एक महीने (7.95 फीसदी), छह महीने (8.65 फीसदी) और एक साल (8.80 फीसदी) की एमसीएलआर दरें अपरिवर्तित रहेंगी।
एचडीएफसी व इंडियन ओवरसीज ने की कटौती
एचडीएफसी बैंक का एक दिन और एक महीने का एमसीएलआर 8.55 फीसदी पर बना हुआ है। छह महीने और एक साल की दरें 0.05 फीसदी घटाकर 8.65 फीसदी कर दी गई हैं। दो साल की अवधि वाले कर्ज की दर 8.75 फीसदी से घटकर 8.70 फीसदी हो गई है।
- इंडियन ओवरसीज बैंक ने 15 सितंबर से एक रात का एमसीएलआर 0.05 फीसदी घटाकर 8.00 फीसदी कर दिया है। एक साल, दो साल और तीन साल की दरों में भी 0.05 फीसदी की कटौती कर क्रमशः 8.85 फीसदी, 8.85 फीसदी और 8.90 फीसदी की गई है। एक महीने (8.30 फीसदी), तीन महीने (8.45 फीसदी) और छह महीने (8.70 फीसदी) की दरें अपरिवर्तित हैं।
पीएनबी और बैंक ऑफ इंडिया ने भी घटाई दर
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने एक रात के एमसीएलआर को 0.15 फीसदी घटाकर 8 फीसदी कर दिया है। एक महीने की दर 8.30 फीसदी से घटकर 8.25 फीसदी हो गई है। तीन महीने की 8.50 से घटकर 8.45 फीसदी व छह माह की दर घटकर 8.65 फीसदी व एक साल की दर घटकर 8.8 फीसदी हो गई है। तीन साल की दर 9.15 फीसदी से घटकर 9.10 फीसदी हो गई है। नई दरें एक सितंबर से लागू हैं।
- बैंक ऑफ इंडिया ने एक रात की अवधि को छोड़कर सबकी दरों में 0.15 फीसदी तक कटौती की है। नई दरें एक सितंबर से प्रभावी हैं। तीन माह की दर घटकर 8.45 फीसदी, छह माह की 8.70 फीसदी और एक साल की दर घटकर 8.85 फीसदी रह गई है।
किसी भी तरह का कर्ज लेने का यह सही समय है। इस साल फरवरी से अब तक दरों में काफी कमी आई है। त्योहारी सीजन में आपको प्रोसेसिंग फीस का फायदा भी बैंक दे सकते हैं। इससे भारी बचत हो सकती है। -अर्चना पांडे, बैंकिंग विशेषज्ञ

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