गरबा पंडालों में प्रवेश सिर्फ ID के साथ, भोपाल कलेक्टर के आदेश के बाद मंत्री विश्वास सारंग का बड़ा बयान
भोपालः शारदीय नवरात्रि की शुरूआत के साथ ही दुर्गा उत्सव पर्व 2025 में जिले में गरबा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो गया है। इस पर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए गाइडलाइन जारी किए हैं। साथ समितियों के इसके अनुसार प्रबंधन करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर की इस गाइडलाइन पर बीजेपी मंत्री ने भी समर्थन दिया है। जिला प्रशासन की तरफ जारी निर्देश के अनुसार गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने वाली समिति किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर आईडी और बिना वेरिफिकेशन के कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश नहीं देगी। साथ ही आयोजन समिति कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरा जरूर लगाए। पंडालों में फायर सेफ्टी के पूरे इंतजाम हो।
धारदार हथियार की एंट्री पर बैन
गरबा पंडालों और कार्यक्रम स्थलों पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा। वहीं, कोई व्यक्ति कार्यक्रम स्थल तक आपत्तिजनक वस्तु और धारदार हथियार लेकर नहीं जाए। कार्यक्रम आयोजन समिति बिजली सुरक्षा से संबंधित समस्त कार्य पहले से सुनिश्चित करें। साथ ही इसका सर्टिफिकेट भी विद्युत विभाग से लेना सुनिश्चित करें। कलेक्टर के तरफ जारी आदेश की अनदेखी करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एमपी मंत्री विश्वास सारंग ने दिया समर्थन
बीजेपी मंत्री विश्वास सारंग ने जिला कलेक्टर के निर्देश का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि विशुद्ध रूप से हिंदू परंपरा का सनातन धर्म का एक धर्मिक अनुष्ठान है। जो लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं। उन्हीं को गरबे में जाना चाहिए। जो हिंदू हैं उन्हीं को गरबे में जाना चाहिए। विशुद्ध रूप से आराधना है देवी मा की। जो लोग जा रहे हैं, वो अपनी आइडेंटिटी बताएं। मुझे लगता है कि जो हिंदू धर्म का पालन नहीं करते हैं, वो जाते क्यों है। यह कोई इंटरेटेनमेंट का शो थोड़ी है। यह मां की स्तुति है, मां की प्रार्थना है, मां का अनुष्ठान है।

महिला आरक्षण पर बढ़ा विवाद: कांग्रेस बोली—PM बुलाएं सर्वदलीय बैठक
AAP के भीतर सियासी बयानबाजी तेज, Saurabh Bharadwaj का Raghav Chadha पर हमला
युद्ध का असर भारत तक: तारकोल महंगा, सड़क परियोजनाएं अटकीं
सात राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की उठाई मांग