युवा वर्ग में तेजी से पनप रहा है अर्बन हार्ट सिंड्रोम
नई दिल्ली। वर्क प्रेशर, तनाव, नींद की कमी, फिजिकल एक्टिविटी का अभाव और जंक फूड की अधिकता जैसे कारणों से आजकल युवा वर्ग में अर्बन हार्ट सिंड्रोम तेजी से पनप रहा है। यह कोई एकल बीमारी नहीं, बल्कि कई समस्याओं का एक मिश्रण है, जो दिल की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। यह सिंड्रोम खासकर 30 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है, जिनका दिल अब उतनी ताकत के साथ काम नहीं कर पा रहा, जितना उसे करना चाहिए।
अर्बन हार्ट सिंड्रोम के लक्षणों में सांस फूलना, थकान, सीने में भारीपन, दिल की अनियमित धड़कन और हाई ब्लड प्रेशर शामिल हैं। इसकी मुख्य वजहें हैं लगातार मानसिक तनाव, घंटों एक ही जगह बैठे रहकर काम करना, एक्सरसाइज की कमी, धूम्रपान, जंक फूड और नींद की गड़बड़ी। इसके अलावा लगातार कैफीन या एनर्जी ड्रिंक का सेवन और प्रदूषण भी इस स्थिति को और खराब कर सकते हैं। इस सिंड्रोम का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जो पहले से डायबिटीज, हाई बीपी या तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
हालांकि, जीवनशैली में बदलाव लाकर इससे बचाव किया जा सकता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या योग करना, पर्याप्त नींद लेना, संतुलित आहार जिसमें फल, हरी सब्जियां और फाइबर शामिल हो, तनाव को कम करना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है। शहरी जीवन की तेज रफ्तार में खुद को स्वस्थ रखना कठिन जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से दिव्यांग समझराम साहू को मिली बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल
निशातपुरा रेलवे स्टेशन से भोपाल के विकास को मिलेगी नई रफ्तार : मंत्री सारंग
जौहर यूनिवर्सिटी को राहत, ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक से टली कार्रवाई
पेपर लीक पर संसद में होगी बहस? सरकार-विपक्ष के बीच बनी सहमति के संकेत
भाजपा पर बरसे केजरीवाल, बोले- हमने पंजाब को शिक्षा में 27वें से पहले स्थान पर पहुंचाया