तहसीलदार-डॉक्टर विवाद ने बिगाड़ा जिला अस्पताल का माहौल, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
शाजापुर: जिला अस्पताल परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर पहुंचे तहसीलदार सुनील पाटिल और आरएमओ डॉक्टर गोविंद पाटीदार के बीच विवाद हो गया। मामला धक्का मुक्की और गाली गलौज तक भी पहुंचा। यह पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विवाद के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में सामान्य ओपीडी बंद कर दी है। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों ने एसडीएम मनीष वास्कले को ज्ञापन देकर तहसीलदार पर निलंबन पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही एफआईआर दर्ज कराने के लिए वह कोतवाली थाने भी पहुंचे हैं।
डॉक्टर को दिखाई ताकत
मामले में डॉक्टर सचिन नायक ने बताया कि तहसीलदार पाटिल जिला अस्पताल परिसर पहुंचे थे। यहां पर आरएमओ डॉक्टर गोविंद पाटीदार के साथ उन्होंने धक्का मुक्की, गाली गलौज की और मोबाइल छीनने का भी प्रयास किया। उन्होंने अपने तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की ताकत को लेकर भी धमकी दी इस घटनाक्रम के बाद से डॉक्टरों में नाराजगी है। सभी डॉक्टरों ने अस्पताल में सामान्य ओपीडी बंद कर दी। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं जारी हैं।
सेवाएं बंद होने से मरीज परेशान
सामान्य ओपीडी बंद होने से अस्पताल आए मरीज परेशान हुए। यहां तक की पर्चे तक मरीज के नहीं बन पाए। जिसे लेकर कई मरीज के परिजन ने नाराजगी जाहिर की। विवाद की जानकारी लगने पर कोतवाली थाना पुलिस बल भी जिला अस्पताल पहुंच गया और स्थिति पर नजर रख रहा है।
तहसीलदार का कहना
मामले में शाजापुर तहसीलदार सुनील पाटिल का कहना है कि हम अस्पताल परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। कई बार फोन करने के बाद भी सिविल सर्जन मौके पर नहीं पहुंचे। दो लड़के जींस टीशर्ट पहनकर पहुंचे थे। मैं उन्हें पहचानता भी नहीं हूं। उन्होंने बहस की साथ ही तहसीलदार ने कहा कि अस्पताल में जहां अतिक्रमण हटाया जाना था। वहां गांजे का पेड़ भी लगा हुआ था। जिसका फोटो भी उनके पटवारी के पास है।

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