तकनीकी साझेदारी से ठगी पर वार: माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग और जापानी इनपुट से CBI ने दबोचे दिल्ली के कॉल सेंटर
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने गुरुवार को दिल्ली में ठगी के दो कॉल सेंटर पकड़ा है. इन दोनों कॉलसेंटर में बैठे जालसाज दिल्ली में बैठकर विदेशी नागरिकों को शिकार बनाते थे. इस संबंध में जापान पुलिस ने सीबीआई को इनपुट दिया था. वहीं माइक्रोसाफ्ट कंपनी के सहयोग से सीबीआई ने दबिश देकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. सीबीआई ने इस दौरान 6 जालसाजों को अरेस्ट किया है. वहीं दर्जन भर अन्य की पहचान की है.
सीबीआई के अधिकारियों ने गुरुवार को मामले का खुलासा किया. बताया कि जालसाज फर्जी कॉलसेंटर खोलकर लोगों खासतौर पर विदेशी नागरिकों को झांसा दे रहे थे. उनके कंप्यूटर में बग डालकर खुद उनके कंप्यूटर को हैक करते थे और फिर बग हटाने के नाम पर उनसे मोटी रकम फिरौती के तौर पर वसूल करते थे. इनके खिलाफ वैसे तो दूनिया भर से शिकायतें आ रहीं थीं, लेकिन पिछले दिनों जापान की पुलिस ने सीबीआई को पुख्ता इनपुट उपलब्ध कराए थे.
माइक्रोसाफ्ट की वजह से मिली लोकेशन
इसके बाद सीबीआई ने इस संबंध में माइक्रोसाफ्ट कंपनी ने इन जालसाजों की लोकेशन ढूंढने में पूरी मदद की. इसके बाद सीबीआई की टीम ने इन दोनों कॉलसेंटर पर एक साथ दबिश देकर इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ कर दिया है. सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में अभी 6 लोगों को अरेस्ट किया गया है. जबकि इनके दर्जनों साथियों के बारे में जानकारी मिली है. सीबीआई की टीम अब बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है.
यूपी और हरियाणा के हैं आरोपी
सीबीआई के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान आशु सिंह निवासी दिल्ली, कपिल घाखर निवासी पानीपत के अलावा रोहित मौर्या, शुभम, विवेक और आदर्श कुमार निवासी उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है. बताया कि इस सिंडीकेट में एक दर्जन से अधिक आरोपी हैं. इन आरोपियों की पहचा हो गई है और टीम उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है. सीबीआई ने बताया कि जालसाज दो बैंक खातों में पैसे मंगाते थे. इन खातों की भी जांच कराई जा रही है.

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