ऑपरेशन सिंदूर: पाक में दहशत, भारत की सीमाएं सुरक्षित
देश में जब भी आतंकी हमला होता है, राजस्थान से सटी भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव बढ़ जाता है। ऐसा ही इस बार भी हुआ। 22 अप्रेल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही बॉर्डर पर तनाव पसरा हुआ था। बीएसएफ और सुरक्षा एजेंसियों सीमा की पहरेदारी में मुस्तैद थीं। जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट पर थे। अंदरखाने से मीडिया तक सीमा पर तनाव की खबरें पहुंच रहीं थीे, लेकिन कोई पुष्टि को तैयार नहीं था। जिला प्रशासन और पुलिस व्यस्त होने का दिखावा कर रहे थे, लेकिन माथे पर शिकन और आवाज में गंभीरता अलग की इशारा कर रहे थे।
पंजाब से सटी पाकिस्तान बार्डर की तारबंदी गलती से पार करने पर बीएसएफ के जवान को पाक रेंजर्स ने पकड़ लिया था। ये दूसरी बड़ी तनाव देने वाली खबर थी। हालांकि राजस्थान में जिले की सीमा पर तैनात बीएसएफ ने इसका तोड़ निकाल लिया था, लेकिन वो बातचीत का समय सही नहीं था। फिर आखिर वही हुआ, जिसकी आशंका थी। जिले के सरहदी गांवों में दो युद्ध देख चुके बुजुर्ग बोले- सांप और पाकिस्तान की फितरत एक जैसी है। चोट खाकर दोबारा आते हैं। करणपुर में सेंड ड्यून की घटना इसकी मिसाल है। फिर वो घड़ी आ गई, जब लगा देश अनहोनी के लिए तैयार हो रहा है। छह मई को देश के करीब 250 शहरों में मॉकड्रिल की सूचना आई।

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